Warren buffett ने क्यों किया 35 करोड़ में लंच | case study

आज की पोस्ट वाॅरेन बफेट के बारे में है. लगातार पिछले 20 बर्षों तक दुनिया के सबसे चार अमीर व्यक्तियों में नाम आया.

2008 में दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में नाम आया. पिछले 50 सालो से एक ही मकान में रह रहें हैं. लोग उनसे मिलना चाहते हैं. लेकिन वो किसी से ज्यादा नहीं मिलते.

अगर आप वो चीजे खरीदते है जिनकी आपको ज़रूरत नहीं तो जल्द ही आपको वो चीजें भी खरीदनी पड़ जायेगी जिनकी आपको बहुत ज़रूरत थी.”

If you can not control emotions

You cannot control your money.”

(यदि आप अपनी भावनाओ पर काबू नहीं पा सकते तो आप अपने पैसे पर भी काबू नहीं पा सकते.)

If you don’t find a way to make money While you sleep. Then you will have to work until die.”

(यदि आपको सोते समय पैसे कमाने का कोई रास्ता नहीं मिलता है. फिर मरते दम तक काम करना पड़ेगा.)

वाॅरेन बफेट ने क्यो किया 35 करोड़ का लंच | case study
वाॅरेन बफेट ठण्डा पीते हुए

एक बार बारेन बफे से मिलने के लिए बोली लगाई गई. एक व्यक्ति ने एक घण्टा साथ में बैठकर Lunch करने के लिए 35 करोड़ का ओफर दिया. बारेन बफेट ने खुशी खुशी 35 करोड़ लिये और दान कर दिये.

His words are not words

They are world to the world.

( उनके शब्द, शब्द नहीं है. वो दुनिया के लिए, पूरी दुनिया हैं.)

वाॅरेन बफेट एक बार जो बोल देते हैं वो Game changer हो जाती है.

वो जिस Stock को खरीद लेते थे उस Stock का भाव अगले दिन 10% बढ़ जाता था. बात 1970 के दशक की है. मध्य USA का Nebraska राज्य है. Nebraska के एक व्यक्ति ने ई-मेल से वाॅरेन बफेट से पूंछा कि तुम Microshoft क्यों नहीं खरीदते. क्या माइक्रोसाँफ्ट में कोई कमी है.

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वारेन बफेट ने पहली बार किसी मेल का जवाब दिया. जिसमें बहुत सारे कारण न लेने के बताये. साथ ही Microshoft की तुलना Nebraska फुटबाँल टीम से कर दी. जो कि उस समय बहुत कमजोर टीम हुआ करती थी.

लेकिन कुछ दिनो बाद US की सरकार ने उस मेल को ट्रैक करके निकाल लिया और बाद में The wall street general के अखबार में यह खबर छप गई. उसके बाद बफेट ने किसी को मेल नहीं किया. मगर अपने सभी Shareholders, Investors को Annual letter जरूर लिखते और उस लेटर को पूरी यूनिवर्सिटी बैठकर पढ़ती.

वाॅरेन बफेट की 63 कम्पनी होने के बावजूद किसी भी कम्पनी के CEO से डायरेक्ट नहीं मिलते. साल में एक बार Letter में Goal, KRA, KPI दे देते हैं.

जब वारेन बफेट हावर्ड स्कूल में पढ़ने गये तो उन्हें Admition नहीं मिला. आज हावर्ड स्कूल बफेट की Case study सिखा रहा है.

बफेट अपने जीवन की सीख से कहते हैं.

  • credit card से दूर रहना.
  • पैसे ने आदमी को नहीं बनाया, आदमी ने पैसे को बनाया है. इस बात को ध्यान रखना.
  • किसी दूसरे के कहने पर काम नहीं करना, अपनी बुद्धी के अनुसार काम करना.

 

बचपन से ही Business करने का शौक था. 6 साल की उम्र में एक दुकान पर Research करने चले गये. कौन सी कोल्ड ड्रींक के ढ़क्कन ज्यादा है. जब सारे ढ़क्कन Collect कर लिये तो पता चला कि सबसे ज्यादा ढक्कन Coca cola के हैं.

6 कोका कोला की केन 25 सेंट में खरीदते थे. 30 सेंट में बेच आते थे. हर रोज पांच सेट बचाया करते. जब साथ के बच्चे कच्चे खेलने में समय गवाते हैं. तब ये धंधा कर रहें थे.

11 साल की उम्र में City service share नाम से स्टाॅक था. जिसे 38$ के भाव में खरीद लिया. कुछ ही दिनो में वह Share का भाव नीचे चला गया. बारेन बफेट को चिंता होने लगी. जैसी ही 28$ से 40$ भाव हुआ. बफेट ने तुरंत बेच दिया. थोडे दिनो के बाद 200$ का हो गया. यह देखकर बफेट को बहुत अवशोष हुआ. लेकिन एक बात बफेट को सीखने के लिए मिली कि यदि कंपनी ठीक है तो उसको Grow होने मे समय लगेगा.

“सौ जगह एक फुट गढ्ढा खोदने से पानी नहीं निकलेगा लेकिन एक जगह लौ फुट गढ्ढा खोदने से जरूर पानी निकलेगा.”

सब्र तो करना पड़ता है तभी परिणाम अच्छे आते हैं.

16 साल की उम्र तक 53000$ कमा चुके थे. बफेट कभी Collector stemps बेचते. तो कभी कार धोने का काम करते. तो कभी delivered the washigton post बेचते.

पिता ने Wharton पढ़ने के लिए भेजा. छोड़कर आ गये और अपने पिता से बोले इस टीचर से ज्यादा तो मैं जानता हूँ.

जो टीचर पढ़ाता था उससे ज्यादा सीख लेते थे. जितना टीचर कमाता था उससे कहीं ज्यादा कमा लेते थे.

एक बार नाई की दुकान पर बाल कटाने गये. नाई ने इंतजार करने के लिए बोल दिया. इन्होने सोचा कि बाल कटाने के लिए इंतजार करना पड़ता है. तो इन्होने वहां Pinball का setup लगा दिया. अब जो भी लोग आते वो इंतजार करने की वजह pinball खेलना पंसद करते. धीरे-धीरे लोगो की और रूची बढ़ने लगी और ये खेल के बदले थोडा शुल्क लेने लगें. ऐसा इन्होने शहर की सभी नाई की दुकानो पर business के रूप शुरू कर दिया.

Pinball खेल बिल्कुल कंचो की तरह होता है. जिसे एक टेबल का रूप दे दिया जाता है. उसमें आपको कंचों को दो Puss stick के बीच से बाहर निकालना होता है.

बफेट ने नाई को बताया कि तुम्हारा इसमें कोई नुकसान नहीं होगा. पैसा मेरा लगेगा. लोग आयेगें, पैसे देगें और खेलेगें. तुम्हे लोगो से पैसे वसूल करने हैं. पाँच सेंट में बीस बाँल खेलने के लिए मिलती. यह खेल का नियम था. धीरे-धीरे करके उस नाई के यहां भीड़ आने लगी

आस-पास के लोग उसी के यहां बाल कटाने लगे. लोगो को अब फ्री टाइम में बोरिग नहीं लगता था.

वाॅरेन बफेट ने वाॅशिगटन डी सी शहर के सभी Salon के यहां यह मशीन फिट कर दी. अगले एक साल में 1000$ का बिजनेस बेच दिया.

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एक बार एक व्यक्ति ने इनको काम दिया. काम करने में बहुत मेहनती थे. पूरे दिन जमकर मेहनत की शाम को उस व्यक्ति ने 90 सेंट दिये. 45 सेंट साथी को दिये. बाकि बफेट के पास बचे 45 सेंट. यह देखकर इन्हें बहुत गुस्सा आया. इन्होने प्लान बनाया कि काम करने से पहले काम को तय कर लो.

Bargaining Leverage Is

Greatest When You Begin A Job.

वाॅरेन बफेट अपने ऊपर 3$ से ज्यादा का खर्च नहीं करते. वो ज्यादा दान करने में विश्वास रखते हैं.

Warren buffett giving away another $2.9 billion, bringing total donations since 2006 to $37 billion.

कोविड की वैक्शीन बनी है उसमें इन्होने बहुत दान दिया है.

ये बच्चो को पूरा पैसा देने में विश्वास नहीं करते. इनका मानना है कि बच्चो को Independ और Confidence बनाओ. वो खुद ही इतना पैसा कमा लेगें.

मैं बच्चो को इतना तो देना चाहता हूँ कि वो कुछ भी कर लें. लेकिन इतना नहीं देना चाहता कि उन्हे लगे कि अब कुछ करने की जरूरत ही नहीं.

जैसे अपने देश में भारत रत्न मिलता है वैसे ही इन्हे US ने Presidential medal of freedom बराक ओबामा द्वारा मिला हुआ है.

एक बार ये चाइना घूमने गये. वहाँ मैडम ‘ली’ इनकी बहुत बड़ी प्रशंसक थी. वो सिलाई का काम करती थी. वाॅरेन बफे जिस होटल में ठहरे थे. मैडम ‘ली’ ने पता लगाकर उनके सूट का नाप ले लिया. अगली सुबह मैडम ‘ली’ वो सूट लेकर बफेट के पास पहुँच गई. बफेट को वो सूट बहुत पंसद आया. जब उन्होने उसके पैसे पूछे तो मैंडम ‘ली’ ने लेने से मना कर दिया. बफेट ने फिर और सूट बनाने को बोल दिया. मैड़म ‘ली’ ने फ्री 20 सूट अगले तीन दिन में बनाकर दे दिये.

मैडम ‘ली’ को वाॅरेन बफेट ने बहुत प्रमोट किया. उसके बाद बिल गेट्स ने भी मैड़म ‘ली’ से कपड़े बनवाये. बड़े-बड़े Fuction में उन्हे बुवाया जाने लगा.

वाॅरेन बफेट आज भी वहीं 20 सूट बदल बदलकर पहन रहे हैं. पचास साल से एक ही घर में रह रहे है. एक ही गाड़ी रखते हैं. उनके पास वहीं पुराना Samsung का फोन रखते हैं.

इनके पास Apple कंपनी के 5.5%  Share हैं. Apple के CEO ने खुद आकर Apple का Iphone11गिफ्ट किया.

91 की उम्र में भी बच्चो की तरह Axcited रहते है. वो कहते हैं कि 30 साल के लड़के जितनी Sharpness है. 10 साल के लड़के जितनी मुस्कराहट है और 6 साल के बच्चे जैसा खाना है. रोज आधा घण्टा Work out करते हैं.

बफेट के गुरू Banjamin graham (mentor) थे. बेंजामिन कोलम्बियां के प्रोफेसर थे. काफी शक्त टीचर थे वो Share market or investment के बारें पढ़ाया करते.

एक दिन वाॅरेन बफेट ने अपने गुरू बेंजामिन के घर गये और अपने गुरू से बोले,” मैं आपके यहां नौकरी करना चाहता हूँ.”

बेंजामिन बोले,”नहीं ! मैं तुम्हे नौकरी पर नहीं रख सकता. मैं ऐसे लड़के को रखता हूँ. जिनको कोई नौकरी नहीं देता. जो कम जानता हो और टिक कर काम कर सकें.”

बफेट ने कहां,” मै टिक कर काम करुंगा.”

बेंजामिन फिर भी नहीं माने.

बफेट बोले,”चलो ठीक है ! मुझे फ्री में रख लो.”

फिर भी बेंजामिन नहीं माने. बफेट फिर भी पीछे पड़े रहे आखिरकार बेंजामिन ने बफेट को काम पर रख लिया.

बफेट बेंजामिन के साथ न्यूयार्क में चले गये. वहां जाकर Standard & poor report के बारे में जाना. Investment Opportunities के बारे में बारीकी से जानकारी ली. कंपनी के P&L reports और Cashflow statement इन सब की जानकारी बेंजामिन से पूरी सीखी.

जिस उम्र में लड़के अश्लिलताओ में डूबे होते है उस उम्र में ये कंपनी की balance sheet देखा करते थे.”

गुरू-चेला की जोड़ी कमाल कर रही थी. फिर एक समय पर वाँरेन बफेट और बेंजामिन की Business theory में बदलाव आ गये.

बेंजामिन कहते थे कि कंपनी की balance sheet, Cashflow और Income statement देखो. बस इससे ज्यादा कुछ मत देखो.

जबकि बफेट कहते कि वो Quantity है. हमें कंपनी की Man power और Leadership भी देखनी चाहिए.

बफेट का मानना था कि हमें केवल Performing business नहीं देखना चाहिए. बल्कि Quality business भी देखना चाहिए. इसी के आधार पर कंपनी की उम्र तय होती है.

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