हमारे देश में पहले परंपरा थी कि घर में भूखे प्यासे रह लेगें लेकिन कर्ज ( Loan ) नहीं लेगें. क्योकि समाज में कर्ज और पुलिस का आना  बहुत बुरा माना जाता था. धीरे-धीरे समय बदला, देश में पूँजीवाद का दौर शुरू हुआ. लोगमहत्वाकांक्षी होने लगें. वो रोजगार की तलाश में घर छोड़कर बाहर जाने लगें. लोगों को पैसा प्राप्त होने लगा. उस पैसों से वे अपनी जरूरतों से अधिक सामान लेने लगें. यहीं से समाज की सोच में असुंतलन पैदा होना शुरू हो गया. लोग एक-दुसरे को देखकर तरक्की की Race में शामिल होने लगें. जो लोग शिक्षित और सम्पन्न थे वो Race में आगे रहने के लिए अलग-अलग प्रयोग करने लगे. लेकिन जो लोग उन्हें देखकर दौड़ लगा रहें थे वो एक कदम पीछे ही रहते. सम्पन्न और सफल लोग इतने आगे निकल गये कि वो पूरी दुनियाँ का चक्कर लगा के पुन: उन्ही के पीछे आ गये जो उनका पीछा कर रहें थे.
अब इनके पास और ज्ञान का इजाफा हो गया. उस के प्रयोग से नई-नई स्कीमें लाँच कर दी. अब उन स्कीमों को बेचने के लिए चाहिए था मार्केट और मार्केट में सबसे सुलभ ग्राहक वही हो सकता था जो उनका पीछा कर रहा था. इन्होनें कंधे पर हाथ से थप-थपा के पूँछा” अरे भईयाँ, काहें इतना तेज दौड़ रहें हो ? कहां जाना हैं आपको ?”
दौड़ते हुए X person ने जवाब दिया “जनाब हम तरक्की को पकड़ना चाहते हैं.”
“तो तुम हमारी सेवाओं के पंख लगाओं और पकड़ लो, तरक्की को.” सफल Person ने मुस्कराते हुए जवाब दिया.
X person – तो दे दो भईयाँ, हमें वो पंख जिससे हम भी आपकी बराबरी कर सकें.
सफल Person – तो इसके लिए आपको सुविधा शुल्क देना होगा.
X person – ले लो, सुविधा शुल्क ! जो चाहें ले लो मगर हमें एक बार उस तरक्की को महसूस करा दो….
आज उस सुविधा के परों का नाम ही Loan, credit card हैं. जो Vartuality के रूप में दिखाई तो देती हैं पर हकीकत में हमसे बहुत कुछ छीन लेती हैं. जो परिणाम के तौर पर निम्न चीजों के रूप दिखाई देती हैं.
Ex – Anxiety                : घबराहट
       Hyper tension     : उच्च रक्तचाप
       Blood pressure   : रक्तचाप
       Depression          : निराशा
       Stress                   : तनाव
       Free thinking       : आजाद सोच
जब हम Loan या Credit card लेते हैं तो साथ में ये चीजें भी अपने आप चली आती हैं. आपको विश्वास न हो तो जिसने कर्ज लिया हो या ले रखा हो उससे जाकर पूँछ सकते हैं.
“आपको वित्त की शांति की आवश्यकता नहीं हैं.”
      “आपको वित्त शांति की आवश्यकता हैं.”
आप अंत तक जरूर पढ़े आपको बहुत महत्वपूर्ण जानकारी मिलने वाली हैं.
तो चलियें जानते हैं कि हम किस प्रकार से अपने Loan को कम या बिल्कुल खत्म कर सकते हैं.
1-  अपने Debt interest दर की सूची बनायें.
Personal loan     : 12%
Home loan          : 8.3%
Unsecured loan  : 20%
Car loan               : 9%
Education loan   : 10%
Credit card          : 32% ( तक चार्ज करता हैं )
इस प्रकार से अपने लोन की एक List बना लीजिए. यदि आप एक समान EMI में अपनी किश्त जमा कर रहें हैं तो उसे तुरंत बंद करें और जिसका Interest दर सबसे ज्यादा हैं. उसे जल्द से जल्द खत्म करें.
Credit card को यदि आप इस्तेमाल कर रहें तो उसके नियम follow करते रहियें, नहीं तो वो दिया ही इसलिए जाता हैं कि लोग कुछ गलतियां करें या अपनी समय अवधि को क्रोस करें वैसे ही भारी भरकम ब्याज वसूल किया जायें.
2- Scenario table परिदृश्य सारणी ) बनायें.
Parameter     Scenerio 1  Scenerio 2  Scenerio 3
EMI               : 5000           10000          20000
Time taken  :   41                 13                  6
for closer       month         month         month
Payment      :  —–              2 times       4 time
Benefit         :  nil                3 time         7 time
Total amt.   : 205000       130000       120000
आप जितनी ज्यादा EMI की किश्त बढाएंगें उतने ही अधिक पैसे देने पडेगें. यदि आप 41 महिने की EMI करेगें तो आपको फायदा कुछ नहीं होगा. उसके बदले आपको अधिक पैसे भरने पडेगें. यदि आप EMI किश्त को 13 महिने का कर देते हैं तो आपको फायदा 3 गुना होगा और कम पैसे जमा करने पडेगें.
यदि आप EMI को 6 महिने कर देतें हैं तो आपको फायदा 7 गुना मिलेगा.
3-Temporary expensive downsizing ( अस्थाई खर्चो को घटाना )
ऐसे खर्चे जो हर महिने हो जाते हैं लेकिन हम उन पर ध्यान नहीं देते हैं. पहले तो ऐसे खर्चो से बचे. यदि ज्यादा ही आवश्यक हो तो उन खर्चो में कटौती करें.
Ex- Entertainment exp.    : मनोरंजन खर्चे
      Gratification exp.        : उपहार खर्चे
      Subscription service  : सदस्यता शुल्क
      Depreciation assets   : मूल्यह्रास सम्पत्ति
4- अनावश्यक वस्तुओं को बेचकर करें 2 से 4 EMI का भुगतान.
यदि आपके घर में कोई ऐसी वस्तु हैं जिसे आप इस्तेमाल नहीं करते हैं. उसे आप Quikr, olx app पर बेच के 2 से 3 EMI Pay कर सकते हैं तो जरूर करें.
Ex. Old car, Bike
      Unnecessary funiture
      books
      Gadgets – mobile, microwave
      Electronic items etc.
5- दूसरे Income के Source तलाश कर EMI Pay करें.
आप जो भी जाँब करते हैं. उसके बाद आपके पास कुछ तो समय जरूर बचता होगा. उस समय आप Part time online जाँब 1 से 2 घण्टे कर सकते हैं.
Ex. Freelance photography
      Part time teaching
      LIC Agent
      Content writing
      MLM executive
      Data entry operator
      Tele-calling
      Social media marketing
आप अपने Office से आते समय Ola, uber के साथ जुड़कर अपनी सर्विस दें सकते हैं. आप अपने Passion के हिसाब से कोई भी Work चुन सकते हैं.
6- Emergency saving fund ( आपातकालीन बचत कोष )
अपने पैसे को ऐसी जगह निवेश करें जो आपके आपातकाल में काम करें. इसके लिए आप Liquid debt fund में डाल सकते हैं. जो 24 से 48 घण्टे में पैसा निकाला जा सकता हैं. इसके अलावा Equity fund, mutual fund आदि में आप पैसा निवेश कर सकते हैं.
7- बजट बनायें.
इसे लोग जानते सभी हैं पर अमल में कोई नहीं लाता. आपके जो भी खर्चे हैं उनका एक Table बना लीजिए.
महिने में आपने जितने खर्चे कियें हैं. वह आपने कम कियें हैं या ज्यादा आपको इस Table के जरियें मालूम चल जायेगा.
Category       Budget   Spend   Remaining
                        amt.       amt.       amt.         
Electric bill  :  —-          —–           + –           
Rent              : —-           —–          + –          
Water bill     :  —-           —–          + –          
Other exp.   :  —-            —-          + –           
याद रखियें….
“जो लोग अपने पैसों का ख्याल नहीं रखना जानते वो उनके लिए नौकरी करतें हैं जो पैसों का ख्याल जानते हैं.”
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ‘श्रण, शत्रु और रोग को जितनी जल्दी हो सके खत्म करें.’
तो दोस्तों, मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको पांँस्ट जरूर पसंद आई होगी. आप अपनी राय कमेंट के माध्यम से बता सकतें हैं. अपने दोस्तों में शेयर करना ना भूलें. 
यदि आपके पास भी कोई विचार या प्रेणादायक कोई कहानी हैं और आप चाहतें हैं कि वह कहानी और लोगों तक पँहुचें तो आप Merajazbaamail@gmail.com पर भे सकतें हैं.
                                                          धन्यवाद !

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