Harishankar Parsai Inspirational Quotes in Hindi

Harishankar Parsai Inspirational Quotes in Hindi

1- दुनियाँ के पगले शुद्ध पगले होते है,

भारत के पगले आध्यात्मिक होते है.
                                  हरिशंकर परसाई
2- जो पानी छानकर पीते हैं,
वो आदमी का खून बिना छाने पी जाते हैं.
                                हरिशंकर परसाई
3- पुरूष रोता नहीं है पर जब रोता है
           तो रोम-रोम से रोता है.
उसकी व्यथा पत्थर में दरार कर सकती है.
                               हरिशंकर परसाई
4- झूठ बोलने के लिए सबसे सुरक्षित जगह
अदालत है.
                              हरिशंकर परसाई
5- मैं बुद्धजीवी नहीं हूँ क्योकी बुद्धी ही नहीं है.
                                 हरिशंकर परसाई
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6- निष्क्रिय ईमानदार और सक्रिय बेईमान मिलकर एक षडयंत्र-सा बना लेते है.
                                  हरिशंकर परसाई
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7- मैं ईसा की तरह सूली पर से यह नहीं कहता- पिता, उन्हे क्षमा कर.
वे नहीं जानते, वे क्या कर रहें हैं. मैं कहता-पिता, इन्हें हरगिज क्षमा मत कर. ये कम्बखत जानते हैं ये क्या कर रहें हैं.
                                    हरिशंकर परसाई
8- जिन्हे पसीना सिर्फ़ गर्मी और भय से आता है. वे श्रम के पसीने से बहुत डरते हैं
                                       हरिशंकर परसाई
9- ‘जूते खा गये’ अजब मुहावरा है. जूते तो मारे जाते हैं. वो खाये कैसे जा लकते हैं ? मगर भारतवासी इतना भुखमरा है कि जूते भी खा जाता है.
                                   हरिशंकर परसाई
10- इस देश के बुद्धजीवी शेर है पर वे सियारो की बारात में बैंड बजाते हैं.
                                 हरिशंकर परसाई
11- चाहे कोई दार्शनिक बने, साधु बने या मौलाना बने, अगर वो लोगों को अधेरे का डर दिखाता है, तो वो जरूर अपनी कम्पनी की टाँर्च बेचना चाहता है.
                                हरिशंकर परसाई
12- मूर्खता से पैदा हुआ आत्मविश्वास सबसे बड़ा होता है.
                                 हरिशंकर परसाई
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13- सत्य को भी प्रचार चाहिए, अन्यथा वह मिथ्या मान लिया जाता है.
                                 हरिशंकर परसाई
14- मैं मरू तो मेरी नाक पर सौ का नोट रखकर देखना, शायद उठ जाऊं.
                                 हरिशंकर परसाई
15- चश्मदीद गवाह वह नहीं है जो देखे, बल्कि वह है जो कहे कि मैने देखा.
                                हरिशंकर परसाई
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                                                धन्यवाद्

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2 Comments

    1. योगेन्द्र जी ! पाँस्ट की लेंथ कम है इसके लिए हम माफी चाहते हैं. हमारी कोशिश रहती है कि सभी पाठको को सही Content दे पायें. हम आपकी शिकायत को दूर करने का प्रयास करेगें. आपकी प्रतिक्रियाएँ हमारे लिए महत्व रखती हैं. कृपया अपना साथ बनायें रखें. धन्यवाद !!

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