26 Interesting Facts About Mahatma Gandhi in Hindi

नमस्कार दोस्तो !! Merajazbaa.Com में आप सभी का स्वागत है. आज की पाँस्ट राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बारे में है.
2 अक्टूबर महात्मा गाँधी के जन्म दिवस के तौर पर याद किया जाता है. लेकिन उसके बाद या उसी दिन किसी और ने जन्म नहीं लिया ? हाँ लिया, जिन्हे हम दूसरे प्रधानमंत्री के नाम से जानते है श्री “लाल बहादूर शास्त्री” ! इसके बाद कोई और नाम याद नहीं आता. आखिर क्यो यही दो नाम याद आते है ? क्योकी इन्होने ऐसे काम किये इसलिए इन्हे निरतंर याद किया जाता है. पर क्या इतना काफी है कि इन्हे सिर्फ इसी दिन याद किया जाये. यदि जन्म दिन न मनाया जाये तो शायद हमे याद भी न रहे कि महात्मा गाँधी नाम से भी कोई थे.
पता है महात्मा गाँधी को पैसो पर क्यो छापा गया ?? ताकि लोग उनके आदर्शो को माने. उनके बताये रास्ते पर चले और यह बात सभी को प्रतिदिन याद रहे इसके लिए उन्हे नोटो पर छापा गया.
महात्मा गाँधी को पूरी साल 365 दिन पैसो के तौर पर इस्तेमाल मे लेते है लेकिन कितने लोग उनके आदर्शो को मानते है या चलने की कोशिश करते है.
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को पढ़ने का समय मिले तो जरूर पढिये. उनके द्वारा लिखी Autobiography जिसका नाम  “my experiment with truth सत्य के मेरे प्रयोग” है. इसे पढ़ने के बाद गाँधी को करीब से जानने का अवसर मिलेगा. यह आपको Google play store पर App के रूप में Free मिल जायेगी.
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आइयें जानते है महात्मा गांधी के बारे में जो उनके जीवन घटना बनकर इतिहास के पन्नो में अंकित हो गये.
Some facts about mahatma gandhi :-
  • महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था, दिन शुक्रवार था. भारत को स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को मिली थी, दिन शुक्रवार था और गांधी की हत्या का दिन भी शुक्रवार ही था और जब 151 वा जन्म दिवस मना रहे हैं तो आज भी शुक्रवार का ही दिन है.
  • महात्मा गांधी ने अल्फ्रेड हाई स्कूल राजकोट से पढ़ाई की थी तथा वकालत की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह इंग्लैंड चले गए थे.
  • गांधी जी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है.
  • गांधी अपने माता पिता की सबसे छोटी संतान थे. उनसे बड़े दो भाई और एक बहन थी.
  • गांधी एक आस्तिक हिंदू थे लेकिन धार्मिक कुरीतियों के खिलाफ मुखर थे.
  • महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में अपने सत्याग्रह के प्रयोग के दौरान लगभग 1100 एकड़ में एक कॉलोनी टॉलस्टॉय फार्म की स्थापना की थी.
  • महात्मा गांधी खादी के बिना सिले हुए कपड़े पहनते थे. ऐसा वह समानता दर्शाने के लिए करते थे. उनका स्पष्ट मत था कि वह अपने शरीर को पूरी तरह तभी ढकेंगे,जब इस देश के 40 करोड़ उनके भाईयों और बहनों के तन पर पूरा पूरा कपड़ा होगा. महात्मा गांधी ने स्वदेशी पर बहुत जोर दिया था. इसलिए उन्होंने खादी को एक सामुदायिक विकास कार्यक्रम के जैसे विकसित किया. उनका स्पष्ट मत था कि जब हम अपने देश में बने कपड़े पहनेंगे तो इससे जहां एक ओर हमारे देश के लोग स्वाबलंबी बनेंगे, वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड के मैनचेस्टर और लंकाशायर से बन कर भारत आने वाली कपड़ों की बिक्री घट जाएगी. इससे इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था पर काफी नकारात्मक असर पड़ेगा और भारतवर्ष के स्वतंत्र होने की संभावना भी बढ़ेगी.
  • महात्मा गांधी के बारे में एक तथ्य यह भी है कि  वह जब भी कोई आंदोलन करते थे. अंग्रेजी हुकूमत किसी को भी गांधी जी के आंदोलन में शामिल तस्वीर खींचने की इजाजत नहीं देते थे. वह ऐसा इस भय से करते थे कि कहीं गांधी की तस्वीर अगर लोगों तक पहुंची तो आंदोलन का स्वरुप बहुत बड़ा हो जायेगा.
  • Mahatma Gandhi को ‘नोबेल’ पुरस्कार नहीं मिल सका लेकिन दुनिया के ऐसे कई नेताओं को नोबेल पुरस्कार मिला है जिनकी विचारधारा अंशतः या पूर्णतः गांधी के सिद्धांतों तथा गांधी की शिक्षाओं पर आधारित थी.

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  • महात्मा गांधी को नोबेल पुरस्कार के लिए पांच बार नामित किया गया था.1937,1938, 1940, 1947 तथा 1948 में… जबकि उन्हें कोई भी नोबेल पुरस्कार नहीं मिला. बाद में नोबेल कमेटी ने इस बात पर  काफी अफसोस जाहिर किया.
  • उन्हीं के सिद्धांतों पर चलने वाले कई नेता जैसे नेलसन मंडेला दक्षिण अफ्रीका से, आंग संग सु की म्यांमार से और मार्टिन लूथर किंग जूनियर अमेरिका से को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • महात्मा गांधी ने प्रथम विश्व युद्ध में इंग्लैंड का समर्थन किया था क्योंकि उन्हें इंग्लैंड से इस प्रकार का वायदा  मिला था कि प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद इंग्लैंड भारत को स्वतंत्र कर देगा.ऐसा नहीं होने पर उन्होंने 1920 में असहयोग आंदोलन की शुरुआत की.प्रथम असहयोग आंदोलन को उन्होंने चौरी-चौड़ा में हुए हिंसक कृत्य के बाद 1921 में स्थगित कर दिया.
  • महात्मा गांधी ने 1913 से लेकर 1938 के बीच 18 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से लगभग 79000 किलोमीटर की पदयात्रा की. 79000 किलोमीटर की पदयात्रा पृथ्वी के दो बार परिक्रमा करने के समान ही है.
  • पहले जब गांधीजी स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने आए तो वह बहुत प्रसिद्ध नहीं थे. चंपारण यात्रा के दौरान कुछ गांव वालों ने उन्हें चमत्कारी बाबा कह कर उनका भजन पूजन करने लगे. गांधी ने इसका घोर विरोध किया और उन्हें फिर अपने बारे में सही-सही बताया कि वह कोई बाबा नहीं है .देश को आजाद कराने के लिए घर से बाहर आए हैं.
  • वैसे तो गांधी जी की कद काठी बहुत ही साधारण थी लेकिन उन्हें फुटबॉल खेल से बहुत लगाव था.
  • अल्बर्ट आइंस्टीन ने गांधी(Mahatma Gandhi) को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया था.
  • महात्मा गांधी ने 1942 में अंग्रेजो भारत छोड़ो (Quit India Movement) का नारा दिया था,और इसमें अगर देखा जाए तो उन्होंने थोड़ी हिंसा की बात की थी.
  • Dr. B R अंबेडकर महात्मा गांधी के धुर विरोधियों में से एक थे. लेकिन यह भी एक तथ्य है की संविधान सभा में Dr. B R अंबेडकर को महात्मा गांधी की सिफारिश पर ही शामिल किया गया था.
  • महात्मा गांधी बहुत लिखते थे और उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया तथा “हिंद स्वराज” और “सत्य के मेरे प्रयोग” जैसे अन्य कई पुस्तकें भी लिखी.
  • दुनिय की सुप्रसिद्ध पत्रिका टाइम(Time Magazine) ने Mahatma Gandhi को 1930 ईस्वी में “Person of the year” के सम्मान से नवाजा था
  • अपने संपूर्ण स्वतंत्रता संघर्ष के जीवन में महात्मा गांधी कुल 14 बार जेल गए तथा लग-

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भग 6 साल की समय अवधि उन्होंने जेल में बितायी.

  • भारत सहित दुनिया के कई देशों में सड़कों के नाम महात्मा गांधी के नाम पर है. भारत में महात्मा गाँधी के नाम पर सड़कों की संख्या लगभग 53 है तथा  दुनिया के दूसरे देशों में 48 सड़क का नामकरण गांधी के नाम पर है.
  • कांग्रेस के त्रिपुरी सम्मेलन से पहले महात्मा गांधी का सुभाष चंद्र बोस के साथ संबंध अच्छा था. 1936 में तो एक बार सुभाष चंद्र बोस के लिए उन्होंने डाइट चार्ट भी बना दिया था. क्योंकि गांधी सुभाष चंद्र बोस को देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मानते थे.
  • सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजो की कैद से बच निकलने के बाद देश को पहली बार बर्लिन से रेडियो पर संबोधित किया.1944 की उसी सम्बोधन में उन्होंने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की पदवी से संबोधित किया.
  • महात्मा गांधी जीवन पर्यंत तृतीय श्रेणी में रेलवे की यात्राएं करते रहे ताकि उनको अपने देशवासियों की जीवन दशा की सही स्थिति का ज्ञान हो सके. जिससे वह उनके जीवन में कुछ सकारात्मक बदलाव कर पाने का प्रयास कर सकें.
  • Mahatma Gandhi दूध से बनी अथवा एनिमल फैट से बनी चीजें नहीं खाते थे वह शुद्ध रूप से शाकाहारी थे.लेकिन बकरी का दूध अवश्य पीते थे…
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