भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर मानसून का इंतजार करते है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर यहीं मानसून की बारिश आपके यहां लगातार 24 घंटे तक होती रहे तो आपका क्या होगा। तो आपको बता दें कि भारत में एक राज्य भी है, जहां के एक शहर में 24 घंटे तक बारिश हुई। हम बात कर रहे है मेघालय का मौसिनराम की। यह मेघालय की राजधानी शिलांग से 60 km दूर है। मौसिनराम दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होने वाला जगह माना जाता है। इसी साल की बात करें तो यहां गुरुवार यानि 16 जून को सुबह 08.30 बजे जो मूसलाधार बारिश शुरू हुई थी वो अगले दिन सुबह 08.30 बजे तक चलती रही। जिसने यहां एक नया रिकॉर्ड बना दिया। उस दिन 24 घंटे में रिकार्ड 1003.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी।

दरअसल, मेघालय में स्थित मौसिनराम का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में पहले से दर्ज है। यह दुनिया का सबसे नमी वाला जगह है। बता दें कि मौसिनराम, बंगाल की खाड़ी के बगल में होने के कारण यहां हर साल जबरदस्त बारिश होती है। रिकार्ड के अनुसार बात करें तो यहां हर साल औसतन 11,871 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन इस साल 16 जून को ही यहां 10 फीसदी बारिश हो गई।

वहीं, मौसिनराम के बाद दूसरी सबसे अधिक बारिश होने वाला जगह भी इसी राज्य में है। मौसिनराम के बाद मेघालय में ही स्थित चेरापूंजी दूसरा सबसे नमी वाला जगह है। यहां मौसिनराम की तुलना में 100 मिलीमीटर कम बारिश होती है।

क्यों होती है यहां इतनी बारिश

मेघालय में इतनी बारिश के पीछे की वजह है ‘बंगाल की खाड़ी’। बता दें कि यहां का मानसून दक्षिणी हिन्द महासागर की स्थायी पवनों की शाखा है। मतलब हिन्द महासागर की दक्षिणी दिशा की हवा Equator को पार करके भारत में पूर्व की ओर प्रवेश करती है। ऐसे में ये हवा सबसे पहले म्यांमार की अराकान योमा तथा पीगूयोमा पर्वतमालाओं से टकराती है। जिसके कारण यहां तेज बारिश होती है। फिर ये मानसून हवाएं सीधे उत्तर की दिशा में मुड़कर गंगा के डेल्टा क्षेत्र से होकर खासी पहाड़ियों तक पहुंचती हैं। यह हवाएं लगभग 15,00 मीटर की ऊंचाई तक उठकर मेघालय के चेरापूंजी तथा मौसिनराम नामक स्थानों पर जबरदस्त बारिश करवाती है।

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