Merajazbaa.Com का मुख्य उद्देश्य आपके अंदर छिपे जज्बे से रूबरू कराना हैं. मेरा मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति अलौकिक है. बस एक सही मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है. जैसे, घोडे़ की आंखों पर साइड से पट्टी बाँधकर उसे एक पथ पर दौड़ने के लिए नियंत्रित किया जाता है. ठीक उसी प्रकार मन के चंचल अश्व को सही मार्गदर्शन रूपी पट्टी खुद को नियंत्रित करने मे मदद करती हैं. Merajazbaa.Com पर आपको मोटीवेशनल कोट्स, प्रेरणादायक कहानियां, बाॅयोग्राफी, पुस्तको की समीक्षा, कविता, त्यौहार, महान लोगो के विचार तथा उनके जीवन के बारे में जानकारी पढ़ने को मिलती हैं. हमें पाठको का प्यार निरंतर मिला हैं. हम आपके प्यार के आभारी है. आपके कमेंट्स के माध्यम से कई बार प्रोत्साहित होने का अवसर मिलता है तो कभी कभी कमियां बताकर खुद में सुधार कर निखरने का मौका मिलता है.

मुझे लगता है कि व्यक्ति को हमेशा सीखते रहना चाहिए और सीखने के लिए हमें जहाँ से भी प्रेरणा मिले, उसे सीख लेना चाहिए. हमारी कोशिश पाठको की रूचि व उनकी इच्छानुसार कंटेंट तैयार करने की होती है. ये बात तो रही बेवसाइड के बारे मे..अब मैं आपको अपने बारे में अपना छोटा सा परिचय देता हूँ.

अपने बारे में छोटा सा परिचय

vivek pathak
मेरा नाम विवेक पाठक है. मैं उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज से हॅू. मैने काॅमर्स के क्षेत्र मे ग्रेजुएशन किया है. मेरे परिवार में माँ-बाप तथा एक बडे व दो छोटे भाई हैं. मुझे लिखने-पढ़ने का शौक शुरू से था. ग्रेजुएशन के बाद मैं जाँब के लिए घर से बाहर निकल आया. जाँब के बाद जब भी टाइम मिलता तो मैं अपने फोन पर कुछ न कुछ खोजते रहता. मुझे आज भी याद है. जब मैने कक्षा 6 में पहली बार मंत्री जी पर एक स्वागत गीत लिखा था. जिसको मेरे छोटे भाई ने गाकर मंत्री जी का स्वागत किया था. वहां उपस्थित सभी लोगो ने छोटे भाई की बहुत तारिफ की थी. इनाम के तौर पर मंत्री जी की तरफ से एक सज्जन ने भाई को 51 Rs. नकद भेंट भी दी थी. प्रोत्साहन के तौर पर गाँव के ही मास्टर जी ने भी अपने लिये गाना लिखने के लिए कहा था.

Merajazbaa.Com की शुरूआत कैसे हुई ?

मुझे पढ़ने-लिखने का तो बहुत शौक है..तो मैं जो भी लिखता था उसे लिखकर अन्य साइटो पर दे देता. मुझे थोड़ी तारिफ मिलती और तारिफ हर किसी को अच्छी लगती है. ऐसे ही एक दिन पढ़ते-पढ़ते मैं Achhikhabar.com पर पहुँच गया. जिसके फाउण्डर गोपाल मिश्रा जी हैं. जहाँ मुझे अच्छे पोस्ट पढ़ने को मिले और मुझे पढ़कर मोटीवेशन मिला. तभी मुझे पहली बार मालूम चला कि आप अपनी साइट बनाकर earning भी कर सकते है. यह मेरे लिए बिल्कुल नई बात थी. मैने इंटरनेट पर बेवसाइड बनाने के बारे में खगाला. काफी खोज बीन के बाद मुझे ब्लाॅगिग के बारे में मालूम चला. मैने यू ट्यूब से सीखकर अपने ब्लाॅग की शुरूआत की. कुछ पोस्ट भी डाली. पर मुझे उसमे कई टेक्नीकली समस्या आने लगी. मैंने कुछ समय बाद ब्लाॅग से खुद को Quite कर लिया और मैं अपने काम में Busy हो गया. फिर एक दिन ऐसे ही मुझे Hamarisaflta.Com पर जाने का अवसर मिला. जिसके Founder किरण साहू जी है. वो बेवसाइट बनाने का काम करते हैं. मेरी उनसे कई चीजो पर चर्चा हुई और Finally यह साइड दिसम्बर 2017 को बनकर तैयार हुई.

मेरा अनुभव

मैं अपने अनुभव से यही कहूंगा कि ब्लाॅगिंग आसान काम बिल्कुल नहीं हैं. यदि आपने इसी में अपना करियर बनाने की ठान ली है तो यह बिल्कुल कठिन भी नहीं हैं. मगर आप जब भी मन बनाये तो पूरा सोच समझकर बनायें, क्योकी इसमें कई उताव-चड़ाव आते है और दुनियां का ऐसा कोई काम नहीं है जिसमे उतार-चढाव न आते हो. इसलिए आप जब भी अपना मन बनाये तो पहले अपने दिल से पूंछे कि आप किसी भी परिस्थिति में यह काम करते रहेगें. अंत मे यही कहंना चाहूंगा “आपका जितना बड़ा धैर्य होगा, उतनी बडी सफलता होगी.”
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